Poetry Collection

Love

मालूम नहीं कि कहाँ जाऊँगा!

तुमसे मिलकर कुछ बता जाऊँगा थोड़ी देर रुका हूँ ,चला जाऊँगा मुझे रोशनी में तलाशा न करना मैं दीये खुद ही सारे बुझा जाऊँगा

Love

एक बूँद आँसू

हम वफा अपनी भला किसको सुनाने जाएँगे बहुत करेंगे तो फिर से तुम्हें आजमाने जाएँगे तुमसे कोई उलझन हो, ऐसी कोई बात नहीं है

Love

यही अंतिम याचना है!

उनसे और नहीं कुछ चाहना है यही अंतिम याचना है! साँझ में दिशाओं के धुंधले छोर पर रवि ने कुछ लिखा गगन के कोर पर

Love

तुम मिलोगे तो तुमसे पूछेंगे हम!

अधरों में जो छिपा वो गीत तो पहचानते होगे नयनों में जो घुली वो प्रीत तो तुम जानते होगे इतना सोचा है,कितना सोचेंगे हम तुम मिलोगे तो तुमसे पूछेंगे हम!

Love

तुमको छूने से पहले !

रुपहले बादल की कल्पना करता हूँ सुनहरी किरणों की भावना करता हूँ भीगती कलियों को सोचा करता हूँ चमकती सीप की कामना करता हूँ

Love

मुझे बाँध रखो कुछ देर और!

अपने सघन घन केशपाश में मुझे बाँध रखो कुछ देर और मौन प्रणय में साँसें अपनी तुम साध रखो कुछ देर और!

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