Love

तुमको छूने से पहले !

25 Jan 2026 | 13 views

रुपहले बादल की कल्पना करता हूँ
सुनहरी किरणों की भावना करता हूँ
भीगती कलियों को सोचा करता हूँ
चमकती सीप की कामना करता हूँ
तुमको छूने से पहले !
अँधेरे में एक लौ-सी जल जाती है
कुम्हलाती दिशा से बयार आती है
नभतल में सुमन बहुत-से विहँसते हैं
रेत से एक नदी - सी बह जाती है
तुमको छूने से पहले!
टूटते सपनों को फिर से सँजोना है
आँखों में खर तिमिर को डुबोना है
भूल जाना है जो भूलने लायक है
कुछ हँसना है, कुछ हँसकर रोना है
तुमको छूने से पहले!
गगन की नीलिमा से कुछ हम पूछेंगे
रात में चंद्रमा से कुछ हम पूछेंगे
वर्षा की बूँदों से पूछ लेंगे हम कुछ
बस एक तुमसे ही हम कुछ न पूछेंगे
तुमको छूने से पहले!

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