Love

एक बूँद आँसू

25 Jan 2026 | 32 views

हम वफा अपनी भला किसको सुनाने जाएँगे
बहुत करेंगे तो फिर से तुम्हें आजमाने जाएँगे
तुमसे कोई उलझन हो, ऐसी कोई बात नहीं है
हम अपने ही मन को कुछ और सुलझाने जाएँगे
मैंने चाह कर खुद को तुम्हारे बंधनों में बाँधा था
अब चाह कर खुद ही क्यों ये बंधन छुड़ाने जाएँगे
मैं खो जाऊँ पूरा भी तो मुझमें बचोगे केवल तुम
हम भूल कर भी तुम्हें भला किसे भुलाने जाएँगे
कल जिन्होंने बस्तियों में चिंगारियाँ उड़ाईं थीं
सुना है आज वही शहर की आग बुझाने जाएँगे
कुछ नया होकर भी कुछ नया नहीं होता यहाँ
हम अपनी पुरानी पहचान से ही पहचाने जाएँगे
वो अब तक सैकड़ों सैलाब से तर होने से बचे रहे
आज एक बूँद आँसू हम उन पर बरसाने जाएँगे!

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