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मेरे आँसू तेरे नाम के हैं!

25 Jan 2026 | 13 views

कुछ दर्द के हैं,कुछ आराम के हैं
मेरे आँसू तेरे नाम के हैं!
क्षार से अंगार हम सींच लेंगे
डोर पतले हैं परंतु खींच लेंगे
हाँ,ये बंधन हैं किंतु काम के हैं
मेरे आँसू तेरे नाम के हैं!
रुक न जो पाया उसे रोकना था
लोचनों को समंदर सोखना था
छलकते भोर, डूबती शाम के हैं
मेरे आँसू तेरे नाम के हैं!
बात बाकी रह गयी कुछ जरा-सी
मुस्कानों के पहले की ज्यों उदासी
अवसान भी चरण उत्थान के हैं
मेरे आँसू तेरे नाम के हैं!
ये उफनती ज्वार कोई क्या सँभाले
कर दिया स्वयं को लहरों के हवाले
कुछ धरा के, कुछ आसमान के हैं
मेरे आँसू तेरे नाम के हैं!

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