""Breaking a barrier for yourself opens a door for thousands of others.""

""स्वयं के लिए एक बाधा तोड़ना, हजारों अन्य लोगों के लिए एक दरवाजा खोलने जैसा है।""

— आशीष कुमार वर्मा (Ashish Kumar Verma)

""Success does not look at your struggle; it only recognizes your persistence.""

""सफलता आपके संघर्ष को नहीं, केवल आपकी निरंतरता को पहचानती है।""

— आशीष कुमार वर्मा (Ashish Kumar Verma)

""Where the feet may stop, words carry the journey forward.""

""जहाँ पैर रुक सकते हैं, शब्द वहाँ से यात्रा को आगे ले जाते हैं।""

— आशीष कुमार वर्मा (Ashish Kumar Verma)

""Knowledge is the only bridge that crosses any physical barrier.""

""ज्ञान ही वह एकमात्र सेतु है जो किसी भी शारीरिक बाधा को पार कर लेता है।""

— आशीष कुमार वर्मा (Ashish Kumar Verma)

""Physical limitations are only a challenge to the body, not to the soul.""

""शारीरिक सीमाएँ केवल शरीर के लिए चुनौती हैं, आत्मा के लिए नहीं।""

— आशीष कुमार वर्मा (Ashish Kumar Verma)

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Love

मालूम नहीं कि कहाँ जाऊँगा!

तुमसे मिलकर कुछ बता जाऊँगा थोड़ी देर रुका हूँ ,चला जाऊँगा मुझे रोशनी में तलाशा न करना मैं दीये खुद ही सारे बुझा जाऊँगा

Life

लौट कर आता है फिर गुजरा हुआ जमाना!

चौखट पर कल तुम्हारे जब गया तो ये जाना लौट कर आता है फिर गुजरा हुआ जमाना पत्थर की मौन आँखों को आँसू पड़ा बहाना लौट कर आता है फिर गुजरा हुआ जमाना!

Love

एक बूँद आँसू

हम वफा अपनी भला किसको सुनाने जाएँगे बहुत करेंगे तो फिर से तुम्हें आजमाने जाएँगे तुमसे कोई उलझन हो, ऐसी कोई बात नहीं है

Love

यही अंतिम याचना है!

उनसे और नहीं कुछ चाहना है यही अंतिम याचना है! साँझ में दिशाओं के धुंधले छोर पर रवि ने कुछ लिखा गगन के कोर पर

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About the Poet

कवि के बारे में

आशीष कुमार वर्मा भारत के पहले ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने सेरेब्रल पाल्सी (Cerebral Palsy) के बावजूद यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण कर एक नया इतिहास रचा। 2012 बैच के भारतीय रक्षा लेखा सेवा (IDAS) अधिकारी के रूप में वह वर्तमान में अपर नियंत्रक रक्षा लेखा (ACDA), पटना के पद पर कार्यरत हैं। प्रशासनिक सेवाओं के साथ-साथ साहित्य के क्षेत्र में भी उनकी एक विशिष्ट पहचान है। पटना विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में स्वर्ण पदक विजेता आशीष कुमार वर्मा का काव्य संग्रह 'वारिधि' प्रकाशित हो चुका है। उनका जीवन शैक्षणिक उत्कृष्टता और शारीरिक सीमाओं पर विजय प्राप्त करने वाली सृजनात्मक शक्ति का प्रमाण है।

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